26 जुलाई 2019 - 11:53
ब्रिटेन की समुद्री डकैती याद दिलाती है ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध लंदन के अत्याचारों को

आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी ने कहा है कि ब्रिटेन की समुद्री डकैती, ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध इस देश के अत्याचारों की याद ताज़ा कराती है।

आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी ने कहा है कि ब्रिटेन की समुद्री डकैती ने ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध इस देश के अत्याचारों की पुरानी यादें ताज़ा कर दी हैं।

जुमें के ख़ुत्बे में उन्होंने कहा कि जिब्राल्टर स्ट्रेट में ईरानी तेल वाहक को अकारण रोकने जैसी कार्यवाही, वर्षों से ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध ब्रिटेन जैसे बूढे उपनिवेश के विस्तृत अत्याचारों का ही एक भाग है।  आयतुल्ला ख़ातेमी ने बताया कि उपनिवेश रुपी इस बूढी लोमड़ी ने विगत से लेकर अबतक ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध सैकड़ों जघन्य अपराध किये हैं जैसे 19वीं और 20वीं शताब्दियों में ईरान को तोड़ने के षडयंत्र, ईरान के संसाधनों को लूटना, साम्राज्यवादी समझौते करना, प्रथम एवं द्वितीय विश्व युद्धों के दौरान भूखमरी की स्थिति उत्पन्न करके हज़ारों ईरानियों की जान लेना, इस्लामी क्रांति के दौरान ईरानी राष्ट्र के दमन में भूमिका निभाना, ईरान के विरुद्ध प्रतिबंधों में अमरीका का साथ देना और इस्लामी गणतंत्र ईरान के विरुद्ध गठबंधन बनाना आदि।

अपने संबोधन के दूसरे भाग में आयतुल्लाह ख़ातेमी ने कहा कि अमरीका के जासूसी ड्रोन को मार गिराना और हुरमुज़ स्ट्रेट में उल्लंधन करने वाले ब्रिटेन के जहाज को रोकने जैसी घटनाओं ने ईरान की सशस्त्र सेनाओं की क्षमता को विश्ववासियों के लिए अधिक उजागर किया है।  उन्होंने इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के साथ फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आन्दोलन के प्रतिनिधिमण्डल की भेंट की ओर संकेत करते हुए कहा कि ज़ायोनियों का यह प्रयास रहा है कि फ़िलिस्तीन के मुद्दे को या तो भुला दिया जाए या फिर उसे अरब मुद्दे के रूप में पेश किया जाए।  आयतुल्लाह ख़ातेमी के अनुसार फ़िलिस्तीन के बारे में ईरान का दृष्टिकोण पूर्ण रूप से अटल है जिसपर वह आगे भी डटा रहेगा।

आयतुल्लाह सैयद अहमद ख़ातेमी ने नाइजीरिया के इस्लामी आन्दोलन के नेता शेख इब्राहीम ज़कज़की की शारीरिक स्थिति के बारे में कहा कि उनकी वर्तमान स्थिति के पीछे अवैध ज़ायोनी शासन और सऊदी अरब का हाथ है जो नाइजीरिया की सरकार को शेख ज़कज़की के विरुद्ध अमानवीय कामों के लिए उकसा रहे हैं।  उन्होंने कहा कि इन सबको इन कार्यवाहियों के दुष्परिणामों से सचेत रहना चाहिए।